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बिहार में सुस्त अफसरों पर गिरेगी गाज: कृषि मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा एक्शन, सिर्फ 3 प्रतिशत खर्च पर भड़के, दिया 3 दिन का अल्टीमेटम

18 Jul, 2026 8 बार देखा गया 0 कमेंट्स
बिहार में सुस्त अफसरों पर गिरेगी गाज: कृषि मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा एक्शन, सिर्फ 3 प्रतिशत खर्च पर भड़के, दिया 3 दिन का अल्टीमेटम

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जलछाजन विकास कार्यक्रम के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत कर खेती को नई दिशा देने का संकल्प लिया है। इस योजना से न केवल मिट्टी का कटाव रुकेगा, बल्कि जल संरक्षण के जरिए किसानों की समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।

बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में उस वक्त खलबली मच गई जब कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी और बजट व्यय की बेहद खराब स्थिति को लेकर मंत्री का पारा सातवें आसमान पर रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकताओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है और किसानों के हक में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

समीक्षा बैठक के दौरान जब यह तथ्य सामने आया कि अब तक बजट का मात्र 03 प्रतिशत हिस्सा ही व्यय हो सका है, तो माननीय मंत्री ने इसे बेहद गंभीर माना। उन्होंने विभाग को एक सप्ताह की मोहलत देते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन और व्यय की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया है। श्री सिन्हा ने दोटूक लहजे में कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचना चाहिए, अन्यथा इसके जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मंत्री ने योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति में हुए अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने संबंधित मामलों की गहन जांच कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, पिछले तीन वर्षों के जिलावार प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है ताकि व्यवस्था की खामियों को जड़ से खत्म किया जा सके।

भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा निर्देश दिया कि अगले वित्तीय वर्ष से सभी योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति अप्रैल और मई माह में ही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को वित्त विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने को कहा है ताकि वित्तीय बाधाओं के कारण कोई भी योजना बीच में न अटके।

अंत में, मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिहार सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में लापरवाही या उदासीनता पाई गई, तो संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाने के लिए अधिकारियों को पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का आदेश दिया गया है।
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