बिहार में 'ड्रोन क्रांति' का आगाज! आसमान से होगी स्मार्ट खेती, ₹11.81 करोड़ के मास्टरप्लान से मालामाल होंगे किसान
18 Jul, 202615 बार देखा गया0 कमेंट्स
बिहार सरकार ने राज्य में कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए ₹11.81 करोड़ की भारी-भरकम योजना को मंजूरी दी है। अब खेतों में कीटनाशकों और पोषक तत्वों का छिड़काव आसमान से ड्रोन के जरिए होगा, जो किसानों की किस्मत बदलने का नया मंत्र साबित होगा।
बिहार की नीतीश सरकार ने प्रदेश के कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की है कि बिहार में अब 'स्मार्ट और सटीक कृषि' (Precision Farming) के युग की शुरुआत हो रही है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹11.81 करोड़ की कृषि ड्रोन योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह योजना राज्य के सभी 38 जिलों में लागू की जाएगी, जिसका उद्देश्य पारंपरिक खेती को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस पहल को राज्य के किसानों के लिए गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक न केवल किसानों की लागत घटाएगी, बल्कि उत्पादन और उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित देशों की तर्ज पर अब बिहार के खेतों में भी कीटनाशकों, फफूंदनाशकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से किया जाएगा। यह तकनीक कम समय में बड़े क्षेत्रफल को कवर करने में सक्षम है, जिससे श्रम की भारी बचत होगी और संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित होगा।
वरिष्ठ पत्रकार और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बिहार के चौथे कृषि रोड मैप के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है। मंत्री सिन्हा ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों के साथ-साथ कृषि उद्यमियों, कृषक समूहों और कृषि यंत्र सेवा प्रदाताओं को ड्रोन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए राज्य भर में व्यापक प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि किसान इस नई तकनीक के साथ तालमेल बैठा सकें।
तकनीकी फायदों के साथ-साथ सरकार ने स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया है। मंत्री ने कहा कि रसायनों के सीधे संपर्क में आने से किसानों को होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को ड्रोन तकनीक के जरिए काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इसके अलावा, दवाओं और उर्वरकों का वैज्ञानिक प्रबंधन होने से पर्यावरण प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी।
ग्रामीण युवाओं के लिए ड्रोन ऑपरेटर और तकनीकी विशेषज्ञ
चूंकि बिहार में छोटे और सीमांत किसानों की संख्या अधिक है, इसलिए सरकार 'सेवा प्रदाता मॉडल' विकसित कर रही है। इससे उन किसानों को भी आधुनिक ड्रोन तकनीक का लाभ मिल सकेगा जो व्यक्तिगत रूप से महंगे उपकरण खरीदने में सक्षम नहीं हैं। डिजिटल पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवेदन और अनुदान की प्रक्रिया डीबीटी (DBT) पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी। इस योजना के माध्यम से बिहार सरकार न केवल खेती को लाभ का सौदा बनाना चाहती है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए ड्रोन ऑपरेटर और तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करना चाहती है।
IFN
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