मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों का पुरजोर खंडन करते हुए कहा कि राज्य के गोदामों में उर्वरक का भारी स्टॉक मौजूद है और किसी भी जिले में इसकी कोई कमी नहीं है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई 2026 तक बिहार में 4.33 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 1.43 लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। इसके साथ ही 2.52 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.69 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 1.26 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का भी पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया गया है।
मंत्री ने कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर नकेल कसते हुए सीमावर्ती जिलों के कृषि पदाधिकारियों को विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि उर्वरकों के अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन और निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी।
किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने एक विशेष अपील भी जारी की है। उन्होंने कहा कि किसान उर्वरक खरीदते समय विक्रेता से पक्की रसीद अवश्य लें। यदि कोई दुकानदार अधिक मूल्य वसूलता है या गुणवत्ता में गड़बड़ी करता है, तो किसान सीधे विभागीय हेल्पलाइन नंबर 0612-2233555 या व्हाट्सएप नंबर 7766085888 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि लिखित शिकायत मिलते ही त्वरित जांच कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
विजय कुमार सिन्हा ने अंत में कहा कि डबल इंजन की सरकार किसान कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसान खेत में चिंतामुक्त रहेगा, तभी राज्य की कृषि मजबूत होगी। इसी सोच के साथ भंडारण और वितरण व्यवस्था पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है ताकि खरीफ 2026 के दौरान किसी भी अन्नदाता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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